![]() |
| माँ कृपा होटल एंड बैंक्वेट, लखनऊ |
लखनऊ का होटल
लगभग चार घंटों की यात्रा कर हमलोग लखनऊ पहुंचे। मैप देखते हुए हम लोग अपने बुक होटल "माँ कृपा होटल एंड बैंक्वेट" में पहुंचे। यह लखनऊ के भापतामउ, आलम नगर में था। बैंक्वेट में कोई शादी विवाह का कार्यक्रम चल रहा था। हमारा कमरा ऊपर के फ्लोर में था। होटल का कमरा और टॉयलेट साफ-सुथरे और बढ़िया थे। किन्तु ड्राइवर के सोने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। बेचारा ड्राइवर गाड़ी में ही सोया जो कि गर्मी के दिन में थोड़ा कष्टप्रद होता है। इसके अतिरिक्त होटल के रेस्टॉरेंट से मँगाया गया भोजन काफी महंगा था। रविवार के दिन पत्नी नमक नहीं खाती, तो होटल के रेस्टोरेंट से दूध और रोटी मंगाया। 150 ml से भी कम दूध की कीमत 190 रूपये थी।
![]() |
| संध्या में रूमी दरवाज़ा, लखनऊ |
शाम का समय था और हमारे पास समय भी था, तो कमरे में समय व्यतीत करने से अच्छा हमने कुछ यहाँ की जगह देखना उचित समझा। मैप देखकर हम लोग लखनऊ के प्रसिद्ध स्थान रूमी दरवाजा पहुंचे।
रूमी दरवाजा
जिस तरह हैदराबाद की पहचान चारमीनार से है, उसी तरह लखनऊ की पहचान रूमी दरवाजा से है। 60 फ़ीट ऊँचा यह सुन्दर दरवाजा लखनऊ के नवाब आसफ-उद्दौला द्वारा सन 1784 में बनवाया गया था। इसे "गेटवे टू ओल्ड लखनऊ" के नाम से भी जाना जाता है।
![]() |
| रूमी दरवाज़ा, लखनऊ |
पतली पक्की ईंटों और सुर्खी-चूना के गारे से बना यह स्ट्रक्चर वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है। हैदराबाद के चारमीनार के मुकाबले यह जगह ज्यादा साफ़-सुथरी और फैल है। रविवार का दिन होने के कारण भीड़ ज्यादा थी। लोग टहल रहे थे, फोटो ले रहे थे, ठेले पे चाट-आइसक्रीम खा रहे थे या यूँ ही समय बिता रहे थे। एक घोड़े वाला और एक ऊंट वाला भी सवारी करवा रहा था।
बड़ा इमामवाड़ा
![]() |
| बड़ा इमामबाड़ा, लखनऊ |
हमलोग टहलते हुए रूमी दरवाजा को पार कर दूसरी तरफ गए। पास ही व्यस्त सड़क के दोनों तरफ दो ऊँचे दरवाजे आमने-सामने नजर आये। बताया गया कि एक तरफ बड़ा इमामबाड़ा है और दूसरी तरफ दौलतखाना। बड़े इमामबाड़े में ही प्रसिद्ध भूलभुलैया है। शाम हो जाने के कारण इनकी एंट्री बंद हो चुकी थी। हम लोग वापस गाड़ी में आए और पीछे की तरफ लौटे जहाँ कुछ और पुरानी जगहें दिखी थीं।
घंटा घर, हुसैनाबाद
![]() |
| घंटाघर, हुसैनाबाद, लखनऊ |
कुछ ही दूरी पर हुसैनाबाद घंटा घर दिखा। हम लोग यहाँ उतरकर देखने गए। यह घंटाघर भारत का सबसे ऊँचा घंटाघर है, जो कि 221 फीट ऊँचा है। अंग्रेजों द्वारा सन 1881 में इसे अवध के लेफ्टिनेंट गवर्नर सर जॉर्ज कूपर के आगमन पर बनवाया गया था। हम लोग पास से देखने गए, पास से घंटा घर की चोटी देखने में पूरा सर ऊपर करना पड़ता है।
पास ही एक बड़ा सा तालाब है जिसके चारों किनारे पत्थर के स्लैब से सीढ़ीनुमा पक्के किये गए हैं। इसे घंटाघर तालाब के नाम से जाना जाता है। पास जाकर इसे देखा और कुछ फोटो लिए।
![]() |
| घंटाघर तालाब, लखनऊ |
हनुमंत धाम मंदिर
अभी शाम के साढ़े सात बजे थे। मैप पर यहाँ से कुछ दूर एक हनुमान मंदिर देखा था तो सोचा कि यहाँ भी दर्शन किया जाय। यह मंदिर हनुमंत धाम मंदिर के नाम से जाना जाता है। घंटा घर तालाब के पास ही गाड़ी पर बैठा और मंदिर की ओर निकला। यह रास्ता पुनः रूमी दरवाजा के बगल से ही निकलता है। संध्या हो चुकी थी और इन सभी इमारत पर लाइट जला दिए गए थे। बिजली की रौशनी में रूमी दरवाजा अत्यंत सुन्दर लग रहा था। लगभग 15 मिनट बाद हम लोग मंदिर के पास पहुँचे। रविवार के कारण भीड़ ज्यादा थी और सड़क के किनारे पार्क की गई गाड़ियों की कतार लगी थी। थोड़ा आगे जगह देख कर गाड़ी पार्क करा कर मंदिर में गए। मंदिर प्रथम तल पर है जहाँ दर्शन हेतु जाने में पहले श्री गणेश भगवान की सुन्दर मूर्ति के दर्शन होते हैं। मुख्य मंदिर में श्री हनुमान जी की बड़ी सी सुन्दर प्रतिमा है जिनके दर्शन कर पीछे की ओर से घूम कर सामने आये। बाहर में भी कई देवताओं की प्रतिमाएँ हैं। यहाँ नीचे तल पर पुरातन हनुमान प्रतिमा भी है। हमने यहाँ भी दर्शन किया और बाहर आए।
![]() |
| हनुमंत धाम मंदिर, लखनऊ |
अब भूख लगने लगी थी। ढंग का कोई रेस्टॉरेंट पास में नहीं पता चला। एक जगह सड़क के किनारे कुछ फल खरीदे और चाय पी। आखिर होटल लौटने के क्रम में एक चौंक पर खाने लायक रेस्टॉरेंट दिखा जहाँ हमने डिनर लिया और होटल अपने कमरे पर आए।
उपनयन संस्कार
अगले दिन तैयार हो कर लगभग दस बजे हमलोग आमंत्रित कार्यक्रम में भाग लेने निकले। होटल से चेक आउट कर लिया था। स्थल लगभग 15 किलोमीटर दूर था। मैप देखते हुए हम लोग वहाँ पहुँचे। उपनयन संस्कार में आए सभी रिश्तेदारों से मिल कर हर्ष का अनुभव हुआ। कार्यक्रम कई दिनों तक चलता है, किन्तु मुख्य कार्यक्रम इसी दिन था। कैसे समय बीता पता ही न चला। संध्या छः बजे हमने सबसे विदा लिया और गाड़ी से नैमिषारण्य की तरफ निकले।
(नैमिषारण्य यात्रा का विवरण अगले ब्लॉग में .......)
इस ब्लॉग के पोस्टों की सूची
33. Rajrappa Waterfalls, Ramgarh, Jharkhand
32. Khutta Baba Mandir and the Tenughat Dam
31. Maya Tungri Mandir - The Mahamaya Temple, Ramgarh, Jharkhand
30. Toti Jharna, Tuti Jharna Temple at Ramgarh, Jharkhand
29. ISKCON Temple and The Birla Temple at Kolkata
28. Belur Math, Howrah







No comments:
Post a Comment